एंटरप्राइज संदर्भ की कमी: क्यों अधिकांश कंपनियाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नहीं निकाल पा रही हैं पूरा मूल्य
· GlobeWire Daily Tech Desk · Source: www.technologyreview.com

चित्र: www.technologyreview.com — Creative Commons
आज के समय में लगभग हर व्यवसाय में किसी न किसी रूप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्लेटफॉर्म, सिस्टम और टूल्स का उपयोग किया जा रहा है। इनमें ग्राहक सेवा प्लेटफॉर्म, संवादात्मक सहायक (conversational assistants) और वर्कफ़्लो ऑटोमेशन टूल्स शामिल हैं। हालांकि ये तकनीकें बेहद उन्नत और तेज हैं, लेकिन कई बार इनके परिणाम गलत, भ्रमित करने वाले या व्यवसाय की वास्तविक समझ से परे होते हैं। यही कारण है कि कई संगठन अपने AI निवेश पर अपेक्षित रिटर्न (ROI) हासिल करने में संघर्ष कर रहे हैं।
एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू इनसाइट्स पोल के आंकड़े
'एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू इनसाइट्स' के एक हालिया पोल के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल सभी संगठन आज किसी न किसी स्तर पर AI का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, इनमें से 10 में से 2 से भी कम (यानी केवल 16%) संगठन ही अपने डिप्लॉयमेंट से परिवर्तनकारी मूल्य (transformative value) निकाल पा रहे हैं।
सर्वेक्षण के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 40% प्रतिशत उत्तरदाताओं का कहना है कि उन्हें विशिष्ट कार्यों या टीमों में मध्यम लाभ (moderate gains) मिल रहा है।
- 21% प्रतिशत ने सार्थक लाभ (meaningful gains) की बात कही है।
- 23% प्रतिशत संगठन ऐसे हैं जिन्हें न्यूनतम रिटर्न मिल रहा है या कोई रिटर्न नहीं मिल रहा है।
इसके अलावा, अधिकांश कंपनियाँ अभी भी AI उपयोग के मामलों का परीक्षण (piloting use cases) कर रही हैं (38% उत्तरदाताओं के अनुसार) या कर्मचारियों के काम में सहायता के लिए को-पायलट और चैट असिस्टेंट का उपयोग कर रही हैं (35%)। केवल 12% उद्यमों के पास उत्पादन चरण में AI एजेंट हैं, और मात्र 3% का कहना है कि वे प्रमुख प्रक्रियाओं में अधिकांश कार्य AI से करवा रहे हैं।
'संदर्भ' (Context) की कमी सबसे बड़ी बाधा
एटलान (Atlan) की सह-संस्थापक प्रुकल्पा शंकर (Prukalpa Sankar) के अनुसार, "मॉडल क्या करने में सक्षम हैं और वे संगठनों के भीतर वास्तव में कैसे उपयोगी साबित हो रहे हैं, इसके बीच एक बड़ा अंतर है।"
शंकर का तर्क है कि कृत्रिम सामान्य बुद्धिमत्ता (AGI) व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए पहले से ही मौजूद है, लेकिन यह आज अधिकांश कंपनियों में उतनी उपयोगी साबित नहीं हो रही है जितनी होनी चाहिए। इसका मुख्य कारण 'संदर्भ' (context) यानी व्यवसाय की गहरी समझ का अभाव है।
संदर्भ परत (context layer) वह वास्तुकला अवसंरचना है जो किसी संगठन के व्यावसायिक प्रणालियों (जैसे डेटा और रिकॉर्ड सिस्टम) और उसके AI प्लेटफार्मों के बीच मध्यस्थ का काम करती है। यह उद्यम की बुद्धिमत्ता को AI एजेंटों या मॉडल के लिए नियंत्रित और मशीनों द्वारा उपयोग करने योग्य संदर्भ में बदलती है। शंकर इस स्थिति को समझाते हुए कहती हैं, "AI के लिए एक संदर्भ परत के बिना, यह ऐसा है जैसे आपने दुनिया के सबसे समझदार इंटर्न को काम पर रखा है, उसकी आँखों पर पट्टी बाँध दी है और उसे सीधे अपने संगठन में काम करने के लिए छोड़ दिया है।"
व्यावहारिक निहितार्थ और क्या ज्ञात है बनाम अज्ञात
यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि AI की विफलता का कारण स्वयं तकनीक की क्षमता नहीं, बल्कि व्यावसायिक डेटा और वास्तुकला के साथ उसका एकीकरण न होना है।
पुष्टि किए गए तथ्य:
- सर्वेक्षण में शामिल अधिकांश कंपनियाँ AI का उपयोग तो कर रही हैं, लेकिन बहुत कम (16%) को ही इससे बड़ा लाभ मिल रहा है।
- अधिकांश कंपनियाँ अभी भी पायलट प्रोजेक्ट्स या बेसिक असिस्टेंट टूल्स के स्तर पर हैं।
अज्ञात पहलू:
- विशिष्ट उद्योगों या क्षेत्रों में इस संदर्भ परत को लागू करने की सटीक लागत और तकनीकी जटिलताओं का विस्तृत विवरण इस सर्वेक्षण में शामिल नहीं है।
पाठक इस विषय पर मूल विवरण और पूरी रिपोर्ट 'एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू' की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकते हैं। मूल स्रोत का लिंक नीचे दिया गया है।
आधिकारिक स्रोत: MIT Technology Review - Creating AI value with enterprise context
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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