नासा का क्यूरियोसिटी रोवर मंगल ग्रह पर 'Nazca' साइट पर ड्रिलिंग की तैयारी में जुटा
· GlobeWire Daily Tech Desk · Source: science.nasa.gov

चित्र: science.nasa.gov — Creative Commons
मंगल ग्रह पर नासा के क्यूरियोसिटी रोवर का नया अभियान
नासा के मार्स साइंस लैबोरेटरी मिशन के तहत क्यूरियोसिटी रोवर ने 'बास्क लेक्स' ड्रिल अभियान के पूरा होने के बाद 'चिउ चिउ' ब्लॉक के पास एक नई जगह पर काम शुरू कर दिया है। वैज्ञानिकों ने 'चिउ चिउ' के पास स्थित एक अन्य ब्लॉक को अपने अगले ड्रिल लक्ष्य के रूप में चुना है, जिसे 'नाजा' (Nazca) नाम दिया गया है। पोस्ट-ड्राइव इमेजिंग से पता चला है कि यह नया ब्लॉक 'डिस्क और सुई' जैसी आकृतियों के गुच्छों से भरा हुआ है, जो वैज्ञानिकों के लिए बेहद उत्साहजनक है।
क्रिस्टल आकृतियों और तापमान का अध्ययन
'नाजा' और 'चिउ चिउ' साइट्स पर मिलने वाली इन खास आकृतियों को लेकर वैज्ञानिकों का मुख्य अनुमान है कि ये क्रिस्टल के विकास के दौरान बनी होंगी। खनिज अपने सूक्ष्म क्रिस्टलीय ढांचे के आधार पर विशिष्ट आकार लेते हैं। इन क्रिस्टल रूपों का अपेक्षाकृत बड़ा आकार मंगल ग्रह पर उस समय के तापमान और वहां लवण तथा तरल पदार्थों की उपलब्धता के बारे में महत्वपूर्ण सुराग प्रदान कर रहा है।
हालांकि, वैज्ञानिक इस बात को लेकर सतर्क हैं कि वर्तमान संरचना हमेशा मूल खनिज का प्रतिनिधित्व नहीं करती। समय के साथ मूल खनिजों के स्थान पर अन्य खनिज ले लिए जाते हैं, जिन्हें 'स्यूडोमॉर्फ' (pseudomorphs) कहा जाता है। इनका आकार तो पहले जैसा रहता है लेकिन रासायनिक संरचना या आणविक ढांचा बदल जाता है।
उन्नत उपकरण और प्रयोग
ड्रिलिंग से पहले, टीम ने क्रिस्टल रूपों के अत्यधिक विस्तृत अध्ययन के लिए कई विशेष अवलोकन तय किए हैं। एमएएचएलआई (MAHLI) कैमरा 'क्वांटिटेटिव रिलीफ मॉडल' (QRM) के तहत अलग-अलग कोणों से पांच ओवरलैपिंग तस्वीरें लेगा, जिससे एक विस्तृत त्रि-आयामी (3D) राहत मॉडल तैयार किया जा सके। इसके अलावा, केमकैम एलआईबीएस (ChemCam LIBS) 'टुकन' नामक लक्षित क्षेत्र पर 'डेप्थ प्रोफाइल' प्रयोग करेगा, जिसमें एक ही स्थान पर 150 लेजर शॉट केंद्रित किए जाएंगे। इससे क्रिस्टल रूप के अंदर की सतह की गहराई से संरचना का अध्ययन किया जा सकेगा।
मंगल के वातावरण और बादलों का अवलोकन
ड्रिलिंग तैयारियों के साथ-साथ, क्यूरियोसिटी ने मंगल ग्रह पर गोधूलि बादल (twilight cloud) के मौसम की शुरुआत में वहां के पर्यावरण का निरीक्षण भी जारी रखा है। रोवर ने मंगल के बड़े उपग्रह 'फोबॉस' (Phobos) की रात के समय की छवियां कैप्चर की हैं। इन रात्रिकालीन अवलोकनों से वैज्ञानिकों को उच्च ऊंचाई वाले कार्बन डाइऑक्साइड बादलों में कणों के आकार का अनुमान लगाने में मदद मिलती है।
व्यावहारिक निहितार्थ और पाठकों के लिए जानकारी
पुष्ट तथ्य बनाम अनिश्चितताएं:
- पुष्ट: क्यूरियोसिटी रोवर 'नाजा' नामक स्थान पर ड्रिलिंग की तैयारी कर रहा है, एमएएचएलआई और केमकैम जैसे उपकरणों का उपयोग क्रिस्टल जैसी आकृतियों के अध्ययन के लिए किया जा रहा है, और फोबॉस की तस्वीरें बादलों के विश्लेषण के लिए ली जा रही हैं।
- अनिश्चितताएं: यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि आधुनिक खनिज संरचना अपनी मूल क्रिस्टलीय अवस्था से कितनी भिन्न है, क्योंकि 'स्यूडोमॉर्फ' प्रक्रिया के कारण खनिजों का रूप और संरचना बदल सकती है।
पाठक इस मिशन से जुड़ी मूल और विस्तृत जानकारी सीधे नासा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध 'क्यूरियोसिटी ब्लॉग' (https://science.nasa.gov/blog/curiosity-blog-sols-5043-5049-preparing-to-drill-at-nazca/) के माध्यम से सत्यापित कर सकते हैं।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
और पढ़ें
GlobeWire Daily पर चर्चित खबरें
हालिया खबरों और संबंधित विषयों पर आधारित चयन; लाइव सर्च रैंकिंग नहीं।
वेस्टइंडीज ने मीरपुर टेस्ट में बांग्लादेश को हराकर आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप श्रृंखला में 1-0 की बढ़त ली
र Ravindra Jadeja के वनडे भविष्य पर पूर्व क्रिकेटरों की अलग-अलग राय
48 घंटे बाद एंटीबायोटिक असर नहीं दिखे? कब डॉक्टर से संपर्क करें
विशेषज्ञ ने फलस्तीन में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा बल की तत्काल तैनाती की मांग उठाई
रेलवे भर्ती बोर्ड ने स्टेशन मास्टर भर्ती 2026 के लिए जारी की अधिसूचना
एलआईसी एचएफएल अप्रेंटिस भर्ती 2026: 232 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू


