NASA की यूनिवर्सिटी छात्र चुनौती ने कैसे गढ़ा एक नए ड्रोन उद्यमी का करियर
· GlobeWire Daily Tech Desk · Source: www.nasa.gov

चित्र: www.nasa.gov
परिचय और पृष्ठभूमि
नासा (NASA) के एक छात्र अनुसंधान अनुदान और उससे जुड़ी व्यावसायिक सीख ने किस प्रकार एक युवा इंजीनियरिंग छात्र के करियर को पूरी तरह बदल दिया, इसकी एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। आज से पांच साल पहले, मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग छात्र गेविन गार्डनर (Gavin Gardner) नासा के अनुदान के तहत अगली पीढ़ी की ड्रोन तकनीक पर शोध कर रहे थे। हालांकि उन्हें तकनीकी शोध की कठिनाइयों का अंदाजा था, लेकिन इस कार्य के वित्तीय पहलुओं, बजट प्रबंधन और क्राउडफंडिंग जैसे व्यावसायिक मोर्चों पर काम करना उनके लिए एक बिल्कुल नया और चुनौतीपूर्ण अनुभव था।
यह अनुभव नासा की 'यूनिवर्सिटी स्टूडेंट रिसर्च चैलेंज' (USRC) पहल का एक मुख्य हिस्सा है, जो कॉलेज के उन छात्र समूहों को अनुदान प्रदान करती है जो एजेंसी के एयरोनॉटिकल अनुसंधान लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करना चाहते हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तकनीकी विकास करना ही नहीं, बल्कि छात्रों को उद्यमिता के कौशल से भी परिचित कराना है।
यूएसआरसी (USRC) परियोजनाएं और उनका विकास
वर्ष 2021 में, गार्डनर को एक दोस्त के माध्यम से नासा से 'एरियल इंट्रा-सिटी डिलीवरी इलेक्ट्रिक ड्रोन्स' (AIDED) गतिविधि के लिए यूएसआरसी अनुदान मिलने की जानकारी मिली। इस टीम ने एक ऐसा अनूठा विचार प्रस्तुत किया जिसमें एक कार्गो-ले जाने वाला ड्रोन सार्वजनिक बस जैसे परिवहन साधन पर डॉक कर सके, यात्रा के दौरान अपनी बैटरी चार्ज कर सके और फिर अपने गंतव्य के लिए उड़ान भर सके। हालांकि विनियामक चुनौतियों के कारण उन्होंने इसे व्यावसायिक रूप से आगे नहीं बढ़ाया, लेकिन उनके तकनीकी कौशल ने उन्हें 2023 में 'लेजर एनर्जाइज्ड एरियल ड्रोन सिस्टम' (LEADS) के लिए दूसरा यूएसआरसी पुरस्कार दिलाया। इस परियोजना के तहत उन्होंने एक ऐसा प्रोटोटाइप तैयार किया जिसमें उड़ान के दौरान लेजर के जरिए सीधे ड्रोन को शक्ति स्थानांतरित करने पर काम किया गया।
व्यावहारिक निहितार्थ और उद्यमिता की ओर कदम
इस शोध के दौरान नासा के ग्लेन रिसर्च सेंटर के कर्मियों के साथ उनके संपर्क बढ़े, जिससे उन्हें ग्रेजुएट स्कूल के दौरान इंटर्नशिप के अवसर मिले। वर्ष 2024 के अंत में अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के करीब पहुंचते हुए, गार्डनर ने अपने भाई और अन्य यूएसआरसी पूर्व छात्रों के साथ मिलकर 'एजी3 लैब्स' (AG3 Labs) नामक कंपनी की सह-स्थापना की। यह कंपनी वर्तमान में सैन्य प्रशिक्षण अभ्यासों के लिए विशेष ड्रोन तैयार करती है। अमेरिकी सेना से मिले शुरुआती अनुबंधों के बाद, कंपनी का विस्तार हुआ और आज उनकी उत्पादन क्षमता प्रति माह हजारों ड्रोन बनाने की है।
क्या है निश्चित और क्या है अज्ञात?
- क्या पुष्ट है: गेविन गार्डनर ने मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान नासा के यूएसआरसी अनुदान के तहत AIDED और LEADS परियोजनाओं पर काम किया। उन्होंने 2024 में 'एजी3 लैब्स' की सह-स्थापना की जो सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास के लिए ड्रोन बनाती है।
- क्या अज्ञात है: इस पहल से जुड़े अन्य छात्रों के व्यक्तिगत वित्तीय आंकड़े या भविष्य की विशिष्ट व्यावसायिक योजनाएं इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं हैं।
पाठक कैसे सत्यापित कर सकते हैं
यह जानकारी नासा द्वारा प्रकाशित आधिकारिक लेख पर आधारित है। पाठक मूल विवरण, नासा के यूएसआरसी कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और अन्य विवरणों की पुष्टि के लिए निम्नलिखित आधिकारिक स्रोत लिंक पर जा सकते हैं: नासा आधिकारिक स्रोत
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
और पढ़ें
GlobeWire Daily पर चर्चित खबरें
हालिया खबरों और संबंधित विषयों पर आधारित चयन; लाइव सर्च रैंकिंग नहीं।
आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में बड़ा उलटफोट, साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हटाया
हाँगकाँग सिक्सर्स 2026 में भारत पर पाकिस्तान की जीत और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएँ
ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टूल 'इट्स ए प्लान' लॉन्च, एआई एजेंट करेंगे काम
गोरखपुर: 12वीं के छात्र ने दिल्ली के व्यक्ति से ठगी में इस्तेमाल एपीके फाइल छह माह पहले बनाई थी
केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका ने श्रृंखला पर कब्जा जमाया, आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंची
नई डॉक्यूमेंट्री सीरिज 'न्यू वेव' 1977 से 1987 के संगीत सफर को करेगी बयां


