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टोक्यो फिल्म फेस्टिवल में निर्देशक ज़ेज़े ताकाहिसा ने मौलिक कहानियों पर दिया जोर

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टोक्यो फिल्म फेस्टिवल में निर्देशक ज़ेज़े ताकाहिसा ने मौलिक कहानियों पर दिया जोर

चित्र: Mark Schilling — Creative Commons

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मुख्य बातें परिचय टोक्यो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के 'टोक्यो टॉक' कार्यक्रम के दौरान अनुभवी जापानी निर्देशक ज़ेज़े ताकाहिसा ने एक मास्टरक्लास में अपने शुरुआती दिनों और सिनेमाई यात्रा पर विचार रखे। टोक्यो मिडटाउन हिबिया में आयोजित इस सत्र में उनके शुरुआती 'पिंक' (सॉफ्टकोर पॉर्न) औ

परिचय

टोक्यो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के 'टोक्यो टॉक' कार्यक्रम के दौरान अनुभवी जापानी निर्देशक ज़ेज़े ताकाहिसा ने एक मास्टरक्लास में अपने शुरुआती दिनों और सिनेमाई यात्रा पर विचार रखे। टोक्यो मिडटाउन हिबिया में आयोजित इस सत्र में उनके शुरुआती 'पिंक' (सॉफ्टकोर पॉर्न) और स्वतंत्र फिल्मों से लेकर हालिया मुख्यधारा के कार्यों पर चर्चा की गई।

शुरुआती 'पिंक फिल्म' और रचनात्मक स्वतंत्रता

वर्ष 1960 में ओइता प्रान्त में जन्मे ज़ेज़े ने 1986 में एक पिंक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी से जुड़कर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 1989 में फिल्म 'एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी: रेप' से अपने निर्देशन की शुरुआत की, जिसने पिंक ग्रैंड प्रिक्स अवार्ड जीता।

  • चार स्वर्गीय राजा: ज़ेज़े, साना काजुहिरो, सातो तोशिकी और सातो हिसयासु को इस शैली के 'चार स्वर्गीय राजा' के रूप में जाना जाता था।
  • अंतर्राष्ट्रीय पहचान: इन निर्देशकों की फिल्मों को रॉटरडैम फिल्म फेस्टिवल और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रदर्शित किया गया था।

ज़ेज़े ने बताया कि उस दौर में फिल्मों में एक निश्चित मात्रा में कामुकता या एरोटिक दृश्य शामिल करने की बाध्यता थी, लेकिन इसके बावजूद निर्देशकों को राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषयों पर काम करने की काफी स्वतंत्रता मिलती थी।

मौलिक कहानियों का महत्व

मास्टरक्लास के दौरान ज़ेज़े ने फिल्म उद्योग में मौजूदा समय में प्रचलित प्रवृत्तियों पर बात की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में इस बात पर बहुत चर्चा होती है कि जब तक कोई फिल्म मौजूदा स्रोत सामग्री (जैसे उपन्यासों या बौद्धिक संपदा) पर आधारित न हो, तब तक उसे बनाना कठिन है।

  • उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने खुद भी बेस्टसेलिंग उपन्यासों पर आधारित फिल्में बनाई हैं, जैसे 2016 की दो-भाग वाली रहस्य फिल्म '64'।
  • हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूल अवधारणाओं (ओरिजिनल कॉन्सेप्ट) को आगे बढ़ाना और मौलिक फिल्में बनाना वर्तमान समय में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनमें एक अनूठी और सम्मोहक ताकत होती है।

सत्यापन और घोषणा की जाँच

इस मास्टरक्लास और ज़ेज़े ताकाहिसा के बयानों की पुष्टि के लिए दर्शक टोक्यो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की आधिकारिक वेबसाइट और उसके 'टोक्यो टॉक' कार्यक्रमों से जुड़े आधिकारिक विवरणों की जांच कर सकते हैं।

मूल स्रोत पढ़ें: Pink Film Veteran Zeze Takahisa Champions Original Stories at Tokyo Masterclass

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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