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मनोज बाजपेयी की नेटफ्लिक्स फिल्म 'गजब रात' समीक्षा: एक रात के खौफनाक खेल की कहानी

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मनोज बाजपेयी की नेटफ्लिक्स फिल्म 'गजब रात' समीक्षा: एक रात के खौफनाक खेल की कहानी — featured illustration or credited source image

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मुख्य बातेंनेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई नई फिल्म 'गजब रात' में अभिनेता मनोज बाजपेयी ने एक बार फिर अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया है। निर्देशक रितेश शाह के निर्देशन और नीरज पांडे के लेखन-निर्माण में बनी यह फिल्म एक रूटीन पुलिस जांच को संस्थागत संघर्ष और उच्च स्तर के थ्रिलर में ब

नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई नई फिल्म 'गजब रात' में अभिनेता मनोज बाजपेयी ने एक बार फिर अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया है। निर्देशक रितेश शाह के निर्देशन और नीरज पांडे के लेखन-निर्माण में बनी यह फिल्म एक रूटीन पुलिस जांच को संस्थागत संघर्ष और उच्च स्तर के थ्रिलर में बदल देती है। इस फिल्म की अवधि 120 मिनट है और इसमें मनोज बाजपेयी के अलावा दिव्या दत्ता, राजीव गुप्ता, अक्षय कुमार, साकिब सलीम और श्रद्धा दास जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं।

कहानी और पृष्ठभूमि

फिल्म की कहानी दिल्ली पुलिस के एक भ्रष्ट लेकिन बेहद कुशल सब-इंस्पेक्टर अजय निवृत्त (मनोज बाजपेयी) के इर्द-गिर्द घूमती है। अजय कानून से समझौता नहीं करता, बल्कि अपने फायदे के लिए उसे मोड़ना जानता है। अपने एसएचओ राणा (राजीव गुप्ता) के साथ मिलकर वह सिस्टम का फायदा उठाता है।

कहानी में असली मोड़ तब आता है जब कनॉट सर्कस में एक चलती एसयूवी से एक युवती के कूदने की घटना सामने आती है। चूंकि अजय उस इलाके के करीब था, इसलिए उसे यह मामला सौंपा जाता है। इसके बाद एक साधारण जबरन वसूली की योजना एक राष्ट्रीय सुरक्षा संकट में बदल जाती है। जब मामले में एक सामाजिक कार्यकर्ता (श्रद्धा दास), सीबीआई अधिकारी (अक्षय गुप्ता) और एनआईए (साकिब सलीम) का दखਲ होता है, तो मानक पुलिस प्रोटोकॉल धरे रह जाते हैं।

शीर्षक विवाद का सफर

इस फिल्म को पहले 'घूसखोर पंडित' शीर्षक से रिलीज किया जाना था, जिसे लेकर विवाद भी हुआ था। बाद में निर्माताओं ने व्यापक संस्थागत भ्रष्टाचार को दर्शाने के लिए शीर्षक बदलकर 'गजब रात' कर दिया। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी, जहाँ निर्माताओं ने शीर्षक बदलने की बात स्वीकार की थी।

अभिनय और तकनीकी पक्ष

मनोज बाजपेयी ने फिल्म में अपनी तीव्र संवाद अदायगी और ऊर्जावान अभिनय से एक आम पुलिसकर्मी की आंतरिक घबराहट और संकट को पर्दे पर जीवंत किया है। उनके अलावा दिव्या दत्ता, राजीव गुप्ता और अन्य कलाकारों के अभिनय को भी समीक्षकों ने सराहा है।

व्यावहारिक निहितार्थ और क्या सत्यापित है

  • क्या पुष्टि की गई है: फिल्म 'गजब रात' वर्तमान में नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। इसका निर्देशन रितेश शाह ने किया है और इसमें मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं।
  • क्या अज्ञात है: फिल्म के बॉक्स ऑफिस आंकड़े (चूंकि यह ओटीटी पर रिलीज हुई है) और इसके दीर्घकालिक दर्शकों के आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
  • पाठक कैसे जांच कर सकते हैं: दर्शक आधिकारिक नेटफ्लिक्स प्लेटफॉर्म पर जाकर फिल्म की उपलब्धता और विवरण की पुष्टि कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 'द हिंदू' की मूल समीक्षा यहाँ देख सकते हैं: [The Hindu Movie Review](https://www.thehindu.com/entertainment/movies/gajab-raat-movie-review-manoj-bajpayee-lights-up-a-night-to-remember/article71617745.ece)।
मूल स्रोत पढ़ें: ‘Gajab Raat’ movie review: Manoj Bajpayee lights up a night to remember - The Hindu

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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