स्वास्थ्य और विज्ञान

उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विश्वविद्यालयों में चिकित्सा अनुसंधान के विस्तार पर दिया जोर

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मुख्य बातें विजयवाड़ा में डॉ. एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का रूबी जयंती समारोह भारत के उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को विजयवाड़ा में डॉ. एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (डॉ. एनटीआरयूएचएस) के रूबी जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश में स्नात

विजयवाड़ा में डॉ. एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का रूबी जयंती समारोह

भारत के उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को विजयवाड़ा में डॉ. एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (डॉ. एनटीआरयूएचएस) के रूबी जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रों की पर्याप्त संख्या है, और अब विश्वविद्यालयों का मुख्य ध्यान चिकित्सा अनुसंधान के विस्तार पर होना चाहिए।

डॉ. बी.आर. अंबेडकर कला वेदी में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उप-राष्ट्रपति ने छात्रों को समाज को प्रभावित करने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान खोजने के लिए अपना जीवन समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी इच्छा व्यक्त की कि वे ऐसा दिन देखना चाहते हैं जब डॉ. एनटीआरयूएचएस का कोई छात्र अनुसंधान के क्षेत्र में अपने कार्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीते।

विश्वविद्यालय का इतिहास और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

यह विश्वविद्यालय 1 नवंबर 1986 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन.टी. रामा राव के नेतृत्व में स्थापित किया गया था और यह देश का अपनी तरह का पहला स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय था। उप-राष्ट्रपति ने संस्थान के 40 वर्षों के मील के पत्थर की सराहना की और सिनेमा तथा सामाजिक-आर्थिक विकास में एन.टी. रामा राव के योगदान को याद किया।

समारोह में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री कोलुसू पार्थसारथी, विजयवाड़ा के सांसद केसिनेनी शिवनाथ, जिला कलेक्टर जी. लक्ष्मिशा, और डॉ. एनटीआरयूएचएस के कुलपति पी. चंद्रशेखर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, प्रतिष्ठित चिकित्सा पेशेवर और शिक्षाविद् उपस्थित थे।

कुलपति और अन्य वक्ताओं की घोषणाएं

समारोह के दौरान, कुलपति पी. चंद्रशेखर ने बताया कि विश्वविद्यालय ने स्वास्थ्य सेवा विषयों में चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए लगभग 13 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय जल्द ही क्वांटम बायोलॉजी में एक नया पाठ्यक्रम शुरू करेगा, जिसका उद्देश्य अंतःविषय सीखने (interdisciplinary learning) और उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान के अवसरों का विस्तार करना है।

इसके अलावा, कुलपति ने राज्य सरकार से डॉक्टरों के लिए निरंतर पेशेवर शिक्षा, उन्नत प्रशिक्षण, कौशल विकास और अनुसंधान के अवसर प्रदान करने के लिए एक समर्पित चिकित्सा अकादमी स्थापित करने का आग्रह किया। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के निदेशक एम.के. रमेश ने भी नवीन शिक्षण पद्धतियों को शुरू करने और अनुसंधान तथा कौशल विकास के अवसरों के विस्तार का आह्वान किया।

व्यावहारिक निहितार्थ और पाठकों के लिए जानकारी

पुष्ट तथ्य बनाम अज्ञात:

  • पुष्ट तथ्य: उप-राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालयों में चिकित्सा अनुसंधान के विस्तार का आह्वान किया; डॉ. एनटीआरयूएचएस ने अनुसंधान के लिए ₹13 करोड़ आवंटित किए हैं और क्वांटम बायोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है।
  • अज्ञात: क्वांटम बायोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू होने की सटीक अंतिम तिथि और समर्पित चिकित्सा अकादमी की स्थापना पर राज्य सरकार का आधिकारिक निर्णय अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

मूल घोषणा की जांच कैसे करें: पाठक और छात्र इस आयोजन तथा विश्वविद्यालय से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं की पुष्टि के लिए 'द हिंदू' की मूल रिपोर्ट या डॉ. एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध प्रेस विज्ञप्तियों का संदर्भ ले सकते हैं।

मूल स्रोत विवरण और अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक समाचार यहाँ देखा जा सकता है: [The Hindu - Vice-President calls for expansion of medical research in Universities](https://www.thehindu.com/news/national/andhra-pradesh/vice-president-calls-for-expansion-of-medical-research-in-universities/article71628367.ece)

मूल स्रोत पढ़ें: Vice-President calls for expansion of medical research in Universities - The Hindu

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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