स्पेसएक्स का स्टारशिप रॉकेट अंतरिक्ष में सफल प्रक्षेपण के बाद कक्षा में पहुंचा, 26 स्टारलिंक उपग्रह किए तैनात
· GlobeWire Daily Science Desk · Source: news.abplive.com

चित्र: Deutsche Welle — Creative Commons
स्टारशिप का नया परीक्षण और कक्षा में प्रवेश
सोमवार को अमेरिका की अंतरिक्ष अनुसंधान और एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने अपने विशालकाय अंतरिक्ष यान 'स्टारशिप' का एक और परीक्षण प्रक्षेपण किया। टेक्सास स्थित स्टारबेस से लॉन्च किए गए इस रॉकेट ने सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया। मिशन कंट्रोल द्वारा इसकी घोषणा किए जाने के बाद वहां मौजूद लोगों ने उत्साह व्यक्त किया। यह अंतरिक्ष यान अब तक का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली अंतरिक्ष यान है, जिसे पूरी तरह से पुनः प्रयोज्य (reusable) बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस परीक्षण का एक मुख्य उद्देश्य नासा के आर्टेमिस मून प्रोग्राम के लिए इस यान की तैयारी को परखना था। योजना के अनुसार, स्टारशिप को अपनी तत्परता साबित करने के लिए पृथ्वी के चारों ओर छह पूरे चक्कर लगाने थे, जिसमें लगभग 10 घंटे का समय लगना था और अंत में इसे चिली के पास प्रशांत महासागर में उतरना था। हालांकि, उड़ान भरने के मात्र एक घंटे बाद ही स्पेसएक्स ने अपनी योजना में बदलाव किया और 10 घंटे की इस यात्रा को छोटा करते हुए इसे लगभग तीन घंटे बाद ही वापस पृथ्वी पर लाने का निर्णय लिया।
26 स्टारलिंक V3 उपग्रहों की तैनाती
अपनी इस उड़ान के दौरान, स्टारशिप ने अपने कार्गो से 26 नवीनतम और सबसे उन्नत स्टारलिंक V3 उपग्रहों को एक-एक करके अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक तैनात किया। ये नए उपग्रह पहले से ही अंतरिक्ष में मौजूद 11,000 पुराने मॉडलों के साथ जुड़कर इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के नेटवर्क को मजबूत करेंगे।
स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि सभी 26 स्टारलिंक V3 ऑपरेशनल उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षाओं में तैनात कर दिया गया है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इन नए उपग्रहों को अंतरिक्ष में छोड़े जाने के बाद अपने एंटीना और सोलर पैनल खुद खोलने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि वे पृथ्वी और अन्य स्टारलिंक उपग्रहों के साथ संपर्क स्थापित कर सकें।
नासा की प्रतिक्रिया और आगामी चुनौतियां
नासा एडमिनिस्ट्रेटर जारेड आइजैकमैन ने अंतरिक्ष में पहुंचने और इस पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तथा जिम्मेदार तरीके से प्रबंधित करने के लिए स्पेसएक्स की सराहना की। उल्लेखनीय है कि स्पेसएक्स ने साल 2023 से स्टारशिप का परीक्षण शुरू किया था, और इस कार्यक्रम को अपने क्रमिक परीक्षणों में कई सफलताओं के साथ-साथ कुछ तकनीकी असफलताओं का भी सामना करना पड़ा है।
पाठकों के लिए व्यावहारिक जानकारी और सत्यापन
पुष्ट तथ्य बनाम अज्ञात: यह सत्यापित है कि स्टारशिप ने कक्षा में प्रवेश किया, 26 स्टारलिंक V3 उपग्रहों को तैनात किया, और इसकी उड़ान योजना को 10 घंटे से घटाकर तीन घंटे किया गया। हालांकि, चंद्रमा या मंगल ग्रह तक पहुंचने और वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन से पहले अभी कई तकनीकी चुनौतियों को पार किया जाना बाकी है।
मूल स्रोत की जांच: पाठक इस घटना से जुड़ी मूल आधिकारिक घोषणाओं और विस्तृत अपडेट के लिए स्पेसएक्स के आधिकारिक मंचों या [एबीपी लाइव की मूल रिपोर्ट](https://news.abplive.com/science/spacex-starship-reaches-orbit-deploys-26-starlink-satellites-in-major-test-for-artemis-mission-1868783) का संदर्भ ले सकते हैं।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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