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क्या सीड ऑयल वाकई सेहत के लिए हानिकारक हैं? जानिए वैज्ञानिक तथ्य और सोशल मीडिया के दाウों की सच्चाई

· GlobeWire Daily Climate Desk · Source: www.theguardian.com

क्या सीड ऑयल वाकई सेहत के लिए हानिकारक हैं? जानिए वैज्ञानिक तथ्य और सोशल मीडिया के दाウों की सच्चाई

चित्र: www.theguardian.com — Creative Commons

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मुख्य बातेंहाल के दिनों में सोशल मीडिया पर सीड ऑयल (बीजों से बनने वाले तेल) को लेकर काफी चर्चा और बहस देखने को मिल रही है। इंटरनेट पर कई इन्फ्लुएंसर्स और अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने इन तेलों को 'विषाक्त' बताते हुए इनके इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों और वैज्ञानि

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर सीड ऑयल (बीजों से बनने वाले तेल) को लेकर काफी चर्चा और बहस देखने को मिल रही है। इंटरनेट पर कई इन्फ्लुएंसर्स और अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने इन तेलों को 'विषाक्त' बताते हुए इनके इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों और वैज्ञानिक अध्ययनों का कहना है कि सामान्य मात्रा में सीड ऑयल का सेवन पूरी तरह सुरक्षित है और इसके स्वास्थ्य लाभ भी हैं।

सीड ऑयल को लेकर क्या हैं चिंताएं?

कैनोला ऑयल, सनफ्लावर सीड ऑयल, सोयाबीन ऑयल और कॉर्न ऑयल जैसे सीड ऑयल वे कुकिंग ऑयल हैं जो बीजों से निकाले जाते हैं। इन्हें आमतौर पर काफी रिफाइंड किया जाता है। सोशल मीडिया पर इन तेलों के विरोध का मुख्य कारण इनमें मौजूद ओमेगा-6 फैटी एसिड (विशेषकर लिनोलिक एसिड) को लेकर है। आलोचकों का दावा है कि इनकी अधिक मात्रा शरीर में लंबे समय तक सूजन (इन्फ्लेमेशन) का कारण बन सकती है।

चूहों पर किए गए कुछ अध्ययनों में यह जरूर देखा गया है कि अत्यधिक ओमेगा-6 फैटी एसिड से लिवर और आंतों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन वैज्ञानिक इस बात पर जोर देते हैं कि चूहों पर किए गए प्रयोगों के परिणाम सीधे तौर पर इंसानों पर लागू नहीं होते।

वैज्ञानिक साक्ष्य क्या कहते हैं?

क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के कम्युनिटी हेल्थ एंड वेलबीइंग सेंटर की निदेशक प्रोफेसर लॉरेन बॉल और न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेसन वू के अनुसार, इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं हैं कि सामान्य मात्रा में सीड ऑयल खाने से इंसानी सेहत को नुकसान पहुंचता है।

मानव स्वास्थ्य पर किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि जो लोग अधिक मात्रा में लिनोलिक एसिड का सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोग (कार्डियोवैस्कुलर डिजीज) का जोखिम कम होता है। इसके अलावा, रैंडमइज्ड ट्रायल्स में भी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि ओमेगा-6 फैटी एसिड से शरीर में सूजन बढ़ती है। इसके विपरीत, संतृप्त वसा (जैसे मक्खन में मौजूद फैट) को सीड ऑयल जैसी असंतृप्त वसा से बदलने पर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद मिलती है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार क्यों?

विशेषज्ञों का मानना है कि सीड ऑयल को लेकर फैलाया जा रहा डर मुख्य रूप से आहार संबंधी विज्ञापनों और ट्रेंड्स का हिस्सा है। कई लोकप्रिय डाइट (जैसे कीटो डाइट) में एनिमल फैट का उपयोग अधिक होता है, और ऐसे में सीड ऑयल को लेकर डर पैदा करना इन उत्पादों की मार्केटिंग का एक जरिया हो सकता है। शांत वैज्ञानिक व्याख्या की तुलना में सनसनीखेज दावे ऑनलाइन अधिक ध्यान आकर्षित करते हैं।

व्यावहारिक निहितार्थ और पाठकों के लिए जानकारी

  • पुष्टि किए गए तथ्य: सीड ऑयल में असंतृप्त वसा होती है जो सामान्य मात्रा में लेने पर दिल की सेहत के लिए अच्छी होती है। ये संतृप्त वसा का एक बेहतर विकल्प हैं।
  • अज्ञात या सीमाएं: कैलोरी अधिक होने के कारण इनका अत्यधिक सेवन वजन बढ़ा सकता है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए।
  • पाठक कैसे करें सत्यापन: पाठक मूल वैज्ञानिक तर्कों और विशेषज्ञ बयानों की विस्तृत जानकारी के लिए 'द गार्डियन' पर प्रकाशित एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गिडियन मेयरोट्ज़-काट्ज़ के मूल लेख और ऑस्ट्रेलियाई आहार दिशानिर्देशों (Australian dietary guidelines) की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
मूल स्रोत पढ़ें: Are seed oils unhealthy? Why are so many influencers speaking out against them? | Gideon Meyerowitz-Katz

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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