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ब्रिटेन का नया अंतरराष्ट्रीय छात्र लेवी: भारतीय छात्रों और विश्वविद्यालयों पर क्या होगा असर?

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मुख्य बातेंब्रिटेन सरकार की एक नई योजना के तहत, अगस्त 2028 से इंग्लैंड के विश्वविद्यालयों को अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए हर साल एक नया शुल्क चुकाना होगा। इस नीति से पहले ही साल में लगभग £445 मिलियन (लगभग $594 मिलियन) की कमाई होने की उम्मीद है। यह प्रस्तावित लेवी £925 (लगभग $1,200

ब्रिटेन सरकार की एक नई योजना के तहत, अगस्त 2028 से इंग्लैंड के विश्वविद्यालयों को अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए हर साल एक नया शुल्क चुकाना होगा। इस नीति से पहले ही साल में लगभग £445 मिलियन (लगभग $594 मिलियन) की कमाई होने की उम्मीद है। यह प्रस्तावित लेवी £925 (लगभग $1,200) प्रति छात्र होगी, जो प्रत्येक संस्थान में 220 दाखिलों की छूट सीमा से अधिक के हर विदेशी छात्र पर लागू होगी।

यह लेवी कैसे काम करेगी?

ब्रिटेन सरकार के 2025 के बजट में पहली बार घोषित की गई यह नीति, इंग्लैंड के विश्वविद्यालयों में नामांकित नए और मौजूदा दोनों अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर लागू होगी। संस्थानों को अपने पहले 220 विदेशी छात्रों पर यह लेवी नहीं चुकानी होगी, लेकिन इस सीमा से अधिक के दाखिलों पर वार्षिक शुल्क लगेगा। उदाहरण के लिए, 1,000 अंतरराष्ट्रीय छात्रों वाले विश्वविद्यालय को छूट के बाद हर साल £721,500 चुकाने होंगे।

ऑफिस फॉर स्टूडेंट्स (Office for Students) दाखिले के डेटा का उपयोग करके इसके क्रियान्वयन की देखरेख करेगा, जबकि सरकार हर साल मुद्रास्फीति के हिसाब से इस शुल्क में संशोधन करने की योजना बना रही है। पहले तीन वर्षों के दौरान अनुमानित राजस्व इस प्रकार है:

  • वित्त वर्ष 2028–29: £445 मिलियन
  • वित्त वर्ष 2029–30: £465 मिलियन
  • वित्त वर्ष 2030–31: £480 मिलियन

भारतीय छात्रों पर संभावित प्रभाव

ब्रिटिश विश्वविद्यालयों के लिए भारत अंतरराष्ट्रीय छात्रों के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है। गृह कार्यालय (Home Office) के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 को समाप्त वर्ष में ब्रिटेन ने भारतीय नागरिकों को 82,523 प्रायोजित अध्ययन वीजा जारी किए थे। इस नीति का सीधा भुगतान दायित्व छात्रों पर नहीं है, लेकिन विश्वविद्यालय इस अतिरिक्त खर्च की भरपाई ट्यूशन फीस के जरिए कर सकते हैं, जिससे विदेशी आवेदकों के लिए ब्रिटेन में पढ़ाई का खर्च बढ़ सकता है।

विश्वविद्यालयों की चिंताएं और सरकार का रुख

इस प्रस्तावित शुल्क की विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने आलोचना की है। उनका मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय भर्ती और संस्थागत वित्त पर दबाव बढ़ा सकता है। कुछ संस्थानों ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए ट्यूशन फीस बढ़ाने की घोषणा कर दी है। बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ जैसे संस्थानों ने आने वाले वर्षों के लिए फीस में वृद्धि का संकेत दिया है।

दूसरी ओर, सरकार ने इस नीति का बचाव किया है। शिक्षा मंत्री जोश मैकलिस्टर ने संसद में कहा कि इस पर परामर्श किए गए थे और प्रभाव आकलन प्रकाशित किया गया था।

व्यावहारिक निहितार्थ और क्या सत्यापित करें

पाठक और भावी छात्र ब्रिटेन में उच्च शिक्षा की योजना बनाते समय आधिकारिक स्रोतों की मदद ले सकते हैं।

  • पुष्टि की गई बातें: अगस्त 2028 से इंग्लैंड के विश्वविद्यालयों पर प्रति छात्र लेवी लागू होगी, जो 220 छात्रों की सीमा के बाद प्रभावी होगी।
  • अज्ञात बातें: यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्तिगत विश्वविद्यालय इस शुल्क का कितना हिस्सा सीधे छात्रों की ट्यूशन फीस पर डालेंगे।
  • सत्यापन कैसे करें: पाठक आधिकारिक घोषणाओं और अपडेट के लिए द टाइम्स ऑफ इंडिया की मूल रिपोर्ट देख सकते हैं: [द टाइम्स ऑफ इंडिया रिपोर्ट](https://timesofindia.indiatimes.com/education/study-abroad/uk-to-charge-universities-1200-per-international-student-how-the-new-levy-could-affect-indian-applicants/articleshow/135226821.cms)।
मूल स्रोत पढ़ें: UK to charge universities $1,200 per international student: How the new levy could affect Indian applican - The Times of India

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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